अंत भला स्थ: भला
अस्थ: भला सब भला
रीत बड़ी क्या हुआ
दिशा देत हर दैत्य
समय बड़ा बलवंत
स्थिर: समय का ज्ञान
जो बोलत ते बोल तू
जब न बोले तब यही बोल
जो बोले वो भ्रम है
जो न बोले वही भ्रम
ज्ञान सर्व व्याप्त है
ज्ञान मै और तू
जब ज्ञान का अंदेश न हो
ज्ञात करो सब ज्ञान
Saturday, December 4, 2010
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1 comment:
niceeeeeeeeeeee words
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